सब बोलो जय – जयकार

सब बोलो जय जय कारए नाना गुरुवर की
समता की दिव्य मसालए नाना गुरुवर की
प्रथम पाठ पर हुक्म मुनिश्वर
घोर तपस्वी बने पुज्यवरए शासन को दिया चमकाय। नाना…..
शिव मुनिश्वर बने उपकारी
भव सागर में तारण हारीए छ भाया प्रतिपाल ।। २।। नाना…..
गिरी पाग वैरागी बन गये
उदय सागर तोरण सेए फिर गये तारण तिरण की जहाज ।। ३।। नाना…..
चौथमलजी संघ के नायक
भव्य जीवो के परम सहायकए धीर वीर गम्भीर ।। ४।। नाना…..
श्री लाल ऋद्धि के त्यागी
नारी छौडकर बने वैरागीए धर्म का किया प्रचार ।। ५।। नाना…..
ज्योति जगाई थली प्रान्त में
जवाहर चमके दया धर्म मेंए मोक्ष मार्ग दातार ।। ६।। नाना…..
क्षमा शील और क्रान्तिकारी
गणपति को पदवीं नहीं प्यारीए है अनुशासन से प्यार ।। ७।। नाना…..
समता दर्शन के व्याख्यात
धर्मपाल के बने विधाताए किया समता का प्रचार ।। ८।। नाना…..
नाना गुरुवर अद्भुत योगी
जिन शासन की वृद्धि होगीए थारी शासन चमके विशाल ।। ९।। नाना…..