हमको भी तारो गुरु राम

तर्ज : नफरत की दुनिया को छोड के प्यार की दुनिया में…

पाप की दुनिया को छोड के आये तेरे द्वार,
पार लगाओ गुरु राम हमको भी तारो गुरुराम।।

आगम के ज्ञाता होए गुरु भाग्य विधाता हो,
व्यसन मुक्त संदेश के प्रदाता हो,
व्यसन मुक्त अभियान चला केए जनजीवन बदला है।।
…….. हमको भी तारो गुरु राम ……..

गुरु नाना ने परखाए फिर चादर ओढाई,
सूरज सम चमके हो सागर सी गहराई,
ऐसे गुरुवर को पाकरए श्री संघ में हर्ष अपार।।
…….. हमको भी तारो गुरु राम ……..

हम भटके हुवे हैं युवा, हमें राह दिखाओ आप,
पाकर दिशा बोधए जीवन सजायेंगे
उपकार गुरु के हम कभी भूल न पायेंगे।।
…….. हमको भी तारो गुरु राम ……..

मझधार में नैय्या गुरु पार लगाओगे,
विश्वास है मन में सूरत पधारोगे
पतझड के जीवन में गुरु हरियाली लाओगे
जन-जन के जीवन में गुरु खुशहाली लाओगे।।
…….. हमको भी तारो गुरु राम ……..