श्रुत आराधक : श्रावक-श्राविका ज्ञानवान बने, क्रियावान बने तथा ज्ञान ध्यान में उनकी अभिरूचि बढ़े, इस उद्देश्य को लेकर ‘श्रुत आराधक’ पाठ्‌यक्रम रचा गया है । सन्‌ 2020 तक, जो पूज्य आचार्य  स्व. श्री नानालालजी म.सा. की जन्म शताब्दी वर्ष (Centenary Year) के रूप में मनाया जाएगा, उत्तम ज्ञान ध्यान वाले श्रावक वर्ग तैयार करने का लक्ष्य है ।