श्री धार्मिक परीक्षा बोर्ड


देश की भावी पीढी को धार्मिक,आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक स्तर पर सुसंस्कृत करने हेतु धार्मिक परीक्षा बोर्ड की स्थापना की गई। धार्मिक परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं का उद्देश्य जन सामान्य के भीतर ज्ञान-ध्यान में वृद्धि करना है। वर्ष 2014 में श्री धार्मिक परीक्षा बोर्ड परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में व्यापक परिवर्तन करते हुए संघ ने अनेक परीक्षाओं को सुचारू कर सम्यक ज्ञान के प्रचार.प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में श्री धार्मिक परीक्षा बोर्ड के अन्तर्गत जैन सिद्धांत भूषण, जैन सिद्धांत कोविद, जैन सिद्धांत विभाकर, जैन सिद्धांत मनीषी, जैन सिद्धांत विशारद, जैन आगम, जैन स्तोक, जैन संस्कृत, जैन धर्मकथानुयोग, जैन प्राकृत, जैन दर्शन, जैन द्रव्यानुयोग, जैन इतिहास की परीक्षाएं आयोजित की जाती है। श्री धार्मिक परीक्षा बोर्ड के अन्तर्गत जैन संस्कार पाठ्यक्रम की परीक्षाओं का आयोजन भी विशाल स्तर पर किया जाता है। इसके अन्तर्गत भाग 1 से 12 तक की परीक्षाओं के आयोजन में हजारों परीक्षार्थी भाग लेकर जैन दर्शन एवं सिद्धांत से जुडते है। संघ द्वारा संस्कार पाठ्यक्रम के प्रचार.प्रसार हेतु निःशुल्क पुस्तकों का वितरण किया जाता है। गत वर्ष देश भर के 370 केन्द्रों में छः हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने यह परीक्षा देकर ज्ञान में अभिवृद्धि की है। जैन समाज के सभी सदस्यो को सामायिक व प्रतिक्रमण कंठस्थ रहे क्योकि ये निज ज्ञान है जो सभी को आना चाहिए। इस हेतु सामायिक व प्रतिक्रमण स्पेशल की परीक्षा को आयोजन किया जा रहा है। सभी उर्म के लोग ये परीक्षा दे सकते है। परीक्षा की दिनांक 22 सितम्बर रखी गई।

परीक्षा नियम 

सामायिक स्पेशल व प्रतिक्रमण स्पेशल परीक्षा का उद्देश्य जैन समाज के सभी सदस्यो को सामायिक व प्रतिक्रमण कंठस्थ रहे क्योकि ये निज ज्ञान है जो सभी को आना चाहिए।

1. सामायिक व प्रतिक्रमण परीक्षा देने में उम्र सीमा नहीं है।

2. यह परीक्षा उनके लिए है जिन्हे सामायिक व प्रतिक्रमण याद नहीं है।

3. यह परीक्षा साल में एक बार होगी इस वर्ष यह परीक्षा 22 सितम्बर को होनी है।

4. सामायिक व प्रतिक्रमण की परीक्षा एक साथ दी जा सकती है। 

5. यह परीक्षा मोखिक व लिखित दोनो होगी।

आपके क्षेत्रों में जैन संस्कार पाठ्यक्रम सामायिक स्पेशल व प्रतिक्रमण स्पेशल पुस्तको के लिए इस नम्बर 7231933008 पर Whatapp  करें।

आगम भक्ति एवं श्रुत आराधक पाठ्यक्रम