अनन्य महोत्सव – 2020 

आचार्य श्री नानेश जन्म शताब्दी 

आगम भक्ति के तहत आचार्य श्री नानेश जन्म शताब्दी के उपलक्ष में अलग -अलग आयामों में परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है . संघ के प्रत्येक श्रावक – श्राविका से अपेक्षित होगा की वे इन अदभुत आयामों से जुड़कर ज्ञान दर्शन चरित्र एवं तप की   अपूर्व आराधना से अनन्य महोत्सव 2020 के आयोजनों को भव्य बनाये.

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परीक्षा केंद्र

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महत्वपूर्ण तिथियाँ

परीक्षा समय सारणी

पुस्तके


1- आगम भक्ति 500 बोल / थोकड़े पुस्तके


प्रथम भाग
द्वितीय भाग
तृतीय भाग
चतुर्थ भाग

2 – आगम भक्ति कर्म सिद्धांत


प्रथम चरण

 

कर्म स्वरुप
कर्म विपाक

द्वितीय  चरण

16 संघाय के धोकड़े
ग्यान स्वरुप

3 – आगम भक्ति  श्री दशवैकालिक सूत्र


प्रथम चरण
द्वितीय चरण
तृतीय चरण

4 – आगम भक्ति श्री नंदी सुत्र


प्रथम चरण
द्वितीय चरण
तृतीय चरण

5  – आगम भक्ति श्री सुख विपाक



6  – आगम भक्ति श्री उत्तराध्यय सूत्र


प्रथम चरण
द्वितीय चरण
तृतीय चरण

पाठ्यक्रम

आगम भक्ति 1

देश – विदेश में कम से कम 12 साधुमार्गी श्रावक – श्राविका 500 बोल / थोकड़े के जानकर हो .

आगम भक्ति 2

देश – विदेश में कम से कम 12 साधुमार्गी श्रावक – श्राविका कर्म – सिद्धांत के जानकर हो .

आगम भक्ति 3

देश – विदेश में कम 100 साधुमार्गी श्रावक – श्राविका ऐसे हो जिनको श्री दशवैकालिक की सम्पूर्ण गाथाएं कंठस्त हो .

आगम भक्ति 4

देश – विदेश में कम से कम  100 साधुमार्गी श्रावक – श्राविकाओ  को श्री नंदीसुत्र कंठस्त हो. ( 700 गाथाएं )

आगम भक्ति 5

देश – विदेश में कम से कम 1000 साधुमार्गी श्रावक – श्राविकाओ को श्री सुख विपाक सुत्र कंठस्त हो .

आगम भक्ति 6

देश – विदेश में कम से कम 100 साधुमार्गी श्रावक – श्राविकाओ को श्री उत्तराध्यय सूत्र कंठस्त हो. ( 2000 गाथाएं )

आगम भक्ति 7

देश – विदेश में कम से कम 100 साधुमार्गी श्रावक – श्राविकाओ का आजीवन प्रतिदिन लगभग 100 गाथाओं का अथार्त वर्षभर में कुल 3600 गाथाओं का स्वाध्याय करें .

आगम भक्ति 8

देश – विदेश में कम से कम 100 साधुमार्गी श्रावक – श्राविकाओ हर महीने (6) पौषध आजीवन करने का संकल्प लें .