संघ की समस्त प्रवृत्तियों में लोगों की सहभागिता सुलभ हो इस हेतु संघ द्वारा दानपेटी योजना का शुभाराम्भ किया गया । संघनिष्ठ परिवारों ने दानपेटी अपने यहाँ लगा राखी है जिसमें वो प्रतिदिन अपना अंशदान संघ विकास के लिए देते हैं ।

दान करने से दाता को मन और आत्मा को संतोष तथा हर्ष प्राप्त होता है। विशेषकर जबकि दान अत्यंत ही सहज एवं गोपनीय हो। दान पेटी योजना श्रावकों को सहज दान का अवसर देती है। जब चाहे जितनी चाहे राशि दान पेटी में डाली और भूल गये फिर जिस दिन जब ईच्छा हुई राशि पेटी में डाल दी। कोई गिनती नही कोई स्मृति नहीं कोई गर्व नही कोई हर्ष नही ऐसा ही दान सहज कहलाता है। इस योजना से प्राप्त धन राशि को संघ की स्वाध्याय जीवदया चिकित्सा शिक्षा और स्वधर्मी सहयोग आदि योजनाओं में नियोजित किया जाता है। इस योजना के अन्र्तगत घर घर में दान पेटियाँ लगाई जाती है। दान पेटियाँ खोलनें हेतु स्थानीय संघ 10 प्रतिशत राशि देकर किसी स्वधर्मी भाई को नियुक्त करके यह कार्य सम्पन्न कराया जाता है। इस पेटी के 40 प्रतिशत स्थानीय संघ को व 60 प्रतिशत केन्दीय संघ को प्राप्त होता है। यह दान पेटी आसोज सुदी बीज ( द्वितीया ) को खोली जाती है।