देश की भावी पीढी को धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक स्तर पर सुसंस्कृत करने हेतु धार्मिक परीक्षा बोर्ड की स्थापना की गई। धार्मिक परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं का उद्देश्य जन सामान्य के भीतर ज्ञान-ध्यान में वृद्धि करना है। वर्ष 2007 में श्री धार्मिक परीक्षा बोर्ड परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में व्यापक परिवर्तन करते हुए संघ ने अनेक परीक्षाओं को सुचारू कर सम्यक ज्ञान के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में श्री धार्मिक परीक्षा बोर्ड के अन्तर्गत जैन सिद्धांत भूषण, जैन सिद्धांत कोविद, जैन सिद्धांत विभाकर, जैन सिद्धांत विशारद, जैन आगम सिद्धांत शास्त्री, जैन आगम रत्नाकर, जैन स्तोक सिद्धांत शास्त्री, जैन स्तोक सिद्धांत रत्नाकर, जैन कर्म सिद्धांत शास्त्री, जैन कर्म सिद्धांत रत्नाकर, दर्शन सिद्धांत शास्त्री, दर्शन सिद्धांत रत्नाकर तथा जैन स्तोक भूषण से लेकर शास्त्री की परीक्षाएं आयोजित की जाती है। श्री धार्मिक परीक्षा बोर्ड के अन्तर्गत जैन संस्कार पाठ्यक्रम की परीक्षाओं का आयोजन भी विशाल स्तर पर किया जाता है। इसके अन्तर्गत भाग 1 से 9 तक की परीक्षाओं के आयोजन में हजारों परीक्षार्थी भाग लेकर जैन दर्शन एवं सिद्धांत से जुडते है। संघ द्वारा संस्कार पाठ्यक्रम के प्रचार-प्रसार हेतु निःशुल्क पुस्तकों का वितरण किया जाता है। गत वर्ष देश भर के 120 केन्द्रों में तीन हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने यह परीक्षा देकर ज्ञान में अभिवृद्धि की है।