समता विभूति आचार्यश्री नानेश द्वारा उद्बोधित धर्मपाल समाज के छात्रों की शिक्षा, आवास, भोजन आदि की समुचित व्यवस्था इस छात्रावास में विगत कई वर्षों से की जा रही है। इस छात्रावास में अध्ययनरत छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा भी प्रदान की जा रही है तथा छात्रावास में प्रतिदिन सामायिक आदि अनेक धार्मिक क्रियाकलाप निष्पादित होते है। इस वर्ष संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुन्दरलालजी दुगड एवं महामंत्री श्री गौतमजी पारख के अथक प्रयासों से इस छात्रावास की कायाकल्प करने का निर्णय लिया गया। फलस्वरूप फरवरी, 2009 में इस भूमि पर नानेश संस्कार सदन (छात्रावास), नानेश कुटी (वृद्धाश्रम), नानेश छाया (अनाथलाय), नानेश चिकित्सालय, नानेश वाणी, जीवन दर्शन एवं धर्मपाल संग्रहालय के प्रकल्पों का भव्य शिलान्यास किया गया। शीघ्र ही इन प्रकल्पों का निर्माण कार्य संघ के दानी-मानी महानुभावों के सहयोग से प्रारंभ होने जा रहा है। नये छात्रावास के निर्माण के साथ छात्रों की संख्या में वृद्धि हो जायेगी तथा पांचों प्रकल्पों के सुचारू रूप से संचालन होने से लगभग 250 सामायिक की आराधना का क्रम प्रतिदिन चलेगा। धर्मपाल छात्रों के साथ जैन छात्र भी वहां रहकर अध्ययन करना चाहे तो उन्हें भी प्राथमिकता दी जायेगी। इन सभी प्रकल्पो को नानेश निकेतन के नाम से जाना जायेगा।