संघ के अर्थ सहयोग से मोहनलाल सुखाडया विश्वविद्यालय, उदयपुर में प्राकृत एवं जैन विद्या विभाग की स्थापना कर जैन विद्या में अध्ययन-अध्यापन का विशिष्ट कार्य प्रारंभ किया गया। संघ द्वारा भेंट की गई स्थापित राशि से एवं शासकीय अनुदान से संचालित यह शिक्षणपीठ जैन विद्या एवं प्राकृत भाषा के उन्नयन में प्रभावी स्तर पर कार्य करता हुआ आज विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुका है। इस विभाग के माध्यम से अब तक अनेक विद्यार्थी स्नातक, स्नातकोतर स्तर तक अध्ययन एवं पी.एच.डी. कर चुके है।