आचार्य श्री नानेश के उदयपुर में देवलोक गमन पर संघ ने उनकी पावन स्मृति को अक्षय रखने एवं उनके समता व समीक्षणध्यान के उपदेशों को जीवंतता प्रदान करने हेतु श्री गणेश जैन छात्रावास परिसर में ध्यान केन्द्र को स्थापित करने का निर्णय लिया। अति भव्य एवं रमणीय यह भवन आकर्षक एवं शांति की अनुभूति प्रदान करने वाला है इसके साथ ही उस पावन स्थान पर विरक्ति के पद पर कदम बढाने वाले मुमुक्षु भाई बहिन तथा स्वाध्यायियों के आवास, भोजन सहित ज्ञानार्जन की पूर्ण व्यवस्था है। ध्यान साधना केन्द्र में समय-समय पर स्वाध्यायी गुणवता विकास कार्यक्रम के शिविर, समता प्रचार संघ के शिविर तथा अन्य धार्मिक शिविरो का आयोजन किया जाता है। शिविरों में जैन दर्शन एवं विभिन्न विषयों पर विद्वद्जनों का मार्गदर्शन प्राप्त होता है तथा ध्यान व योगासन का प्रयास भी कराया जाता है। इस वर्ष संघ द्वारा उदयपुर ध्यान केन्द्र में एक पूर्णकालीक कार्यालय की स्थापना की गई है तथा ध्यान केन्द्र को धार्मिक अध्ययन की दृष्टि से बढावा देने की पहल कर वहां से समता प्रचार संघ, आगम, अहिंसा समता एवं प्राकृत शोध संस्थान, स्वाध्यायी गुणवता विकास कार्यक्रम, पत्राचार पाठ्यक्रम, समता संस्कार पाठशाला आदि प्रवृत्तियाँ संचालित करने का निर्णय लिया है। ध्यान केन्द्र में 1 लाख रूपये प्रदान करने वाले महानुभव केन्द्र के स्तम्भ सदस्य के रूप में मान्य होते है।