वर्तमान में जैन धर्म व दर्शन, संस्कृत प्राकृत आदि के उच्च स्तरीय विद्वानों की कमी को अत्यधिक महसूस किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए संघ द्वारा इसी वर्ष से पंडित योजना के नाम से इस प्रवृत्ति का शुभारंभ किया गया है। इसके अन्तर्गत संपूर्ण भारत के विभिन्न क्षेत्रों से दसवीं, बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंको से उत्तीर्ण छात्रों के आवास, भोजन व शिक्षण की निःशुल्क व्यवस्था आचार्य श्री नानेश ध्यान केन्द्र, उदयपुर में की गई है। इन छात्रों को व्यवहारिक शिक्षा के साथ-साथ प्रतिदिन धार्मिक शिक्षा भी प्रदान की जायेगी तथा केन्द्र द्वारा निर्धारित त्रिवर्षीय धार्मिक पाठ्यक्रम पूर्ण करने के उपरान्त विद्यार्थी को योग्यतानुसार वेतन एवं सभी सुविधा के साथ रोजगार दिलाने की व्यवस्था केन्द्र द्वारा की जायेगी।